सुप्रभात

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गिले-शिकवों का भी कोई अंत
नहीं साहिब..
पत्थरों को शिकायत ये कि पानी की मार से टूट रहे हैं हम..
और पानी का गिला ये है कि पत्थर हमें खुलकर बहने नहीं देते..!!
🙏🏻🌹🌞सुप्रभात🌞🌹🙏🏻
🤗आपका दिन शुभ हो🤗